आनापान ध्यान क्या है? और उसके 7 लाभ | Anapana Meditation in Hindi

Anapana Meditation in Hindi : आनापान ध्यान क्या है ? इसके बारे में मैंने पहली बार 2018 में सुना था जब मैं विपस्सना ध्यान का 10 दिवसीय कोर्स करने गया था | विपस्सना ध्यान शिविर में शुरुआत के 3 दिन आनापान ध्यान पद्धति के बारे में बताते हैं और उसी का अभ्यास कराते हैं और बाकी के 7 दिन विपस्सना ध्यान कराते हैं |

आनापान ध्यान बहुत ही लाभकारी है मैं इसे प्रतिदिन कई सालों से अभ्यास कर रहा हूं और जब आप धीरे-धीरे इसका सही तरीके से अभ्यास करना शुरू कर देते हैं तो आपको इसका लाभ तुरंत महसूस होता है इसलिए इसे सही तरीके से करना बेहद जरूरी है |

मैं आनापान ध्यान बहुत सालों से कर रहा हूं और आज मैं आपको बताऊंगा कि आनापान ध्यान होता क्या है? इसे करते कैसे हैं? और इसको करने से आपके जीवन में किस प्रकार से सकारात्मक बदलाव आता है |

तो चलिए अब हम लोग जानने का प्रयास करते हैं सभी बातों को step by step वह भी कम से कम शब्दों में और बहुत ही आसान तरीके से | Anapana Meditation in Hindi

यह भी पढ़ें ध्यान क्यों कब और कैसे करें?

आनापान ध्यान क्या है? | What is Anapana Meditation in Hindi

आज से 2600 वर्ष पूर्व जब भगवान बुद्ध घर को त्याग कर आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए जंगलों में चले गए थे उस समय उन्हें सबसे पहले जो गुरु मिले थे वह आचार्य अलारा कलाम जी थे | आचार्य जी ने भगवान गौतम बुद्ध को सबसे पहले जिस ध्यान पद्धति के बारे में बताया वह आनापान ध्यान था |

उनके शरण में उन्होंने कई वर्षों तक आनापान ध्यान का अभ्यास किया और उसमें निपुण हो गए थे आनापान ध्यान करने से भगवान गौतम बुद्ध को मन को एकाग्र करने और उसे अपने नियंत्रण में करने पूरी तरीके से आ गया था |

आनापान ध्यान (Anapana Meditation) ऐसी ध्यान पद्धति है जिसमें हमें अपने प्राकृतिक सांसों पर ध्यान लगाना होता है | प्राकृतिक सांसों से मतलब है जो सांचे सांसे बिना किसी प्रयास के साधारण तरीके से एक नासिका से आ रही है और दूसरी नासिका से जा रही है उसे ही हम प्राकृतिक साथ बोलते हैं |

इस प्रकार एक जगह बैठ कर अपने प्राकृतिक सांसों पर अपने मन को टीका देने को ही आना पान ध्यान कहते हैं | आनापान शब्द का मतलब आप आती हुई और जाती हुई सांसो से भी लगा सकते हैं |

आनापान ध्यान कैसे करें ? | How To Do Anapana Meditation in Hindi

आइए अब जानते हैं कि आनापान ध्यान घर पर कैसे किया जा सकता है? जिससे कि हमें भी अपने जीवन में आत्म संतुष्टि, मन की शांति और आत्मज्ञान प्राप्त हो | पर इसके लिए आपको निरंतर सही तरीके से ध्यान का अभ्यास करते रहना होगा | आइए अब कुछ जरूरी टिप्स जान लेते हैं | Anapana Meditation in Hindi Tips For Beginners

  • सबसे पहले एक शांत और साफ-सुथरे जगह का चुनाव करने जहां पर आप बिना किसी शोरगुल के कुछ देर तक आराम से बैठ सकते हो |
  • उसके बाद एक आसन लगा ले आप चाहे तो पालथी मारकर या टेबल पर भी बैठ सकते हैं जिस भी स्थिति में आप आराम से कुछ देर तक बैठ सकते हो उस स्थिति में बैठे |
  • उसके बाद आंखों को बंद करके दोनों हाथों के उंगलियों को आपस में फसा ले अब अपना पूरा ध्यान अपने ऊपर वाले होठ के ऊपर और नासिका के ठीक नीचे यानी इन दोनों के बीच में अपनी आती हुई और जाती हुई सांसो को अनुभव करने का प्रयास करें |
  • कुछ देर मन भटकने के बाद आपका मन धीरे-धीरे नैसर्गिक हाथों पर टिक नहीं लगेगा और आप आनंद का अनुभव करेंगे इस प्रकार निरंतर अभ्यास करने से आप धीरे-धीरे आत्म ज्ञान और आत्म संतुष्टि को प्राप्त कर लेंगे |

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आनापान ध्यान के 7 लाभ | 7 Benefits of Anapana Meditation in Hindi

वैसे तो ध्यान के कई प्रकार होते हैं और हर एक ध्यान पद्धति का बहुत बड़ा लाभ होता हैआनापान ध्यान का भी अपना बहुत बड़ा लाभ है आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि इस ध्यान पद्धति से ही भगवान गौतम बुद्ध को पहली बार ज्ञान का अनुभव हुआ था यह बहुत ही सरल पद्धति है और बहुत ही कारगर भी है |

मैं कई वर्षों से आनापान ध्यान (Anapana Meditation) कर रहा हूं मेरे जीवन, में मेरे व्यवहार में बहुत ही सकारात्मक परिवर्तन आए हैं | मुझे इसकी सबसे अच्छी बात यह लगती है कि यह बहुत सरल है पर साथ ही साथ यह बहुत ही कठिन भी है क्योंकि अगर आपने इसके नियम को थोड़ा भी गलत समझा तो आप इसके लाभ से तो वंचित रहेंगे साथ ही आपको यह बहुत ही कठिन सा लगेगा |

अब मैं आपको बताऊंगा की वास्तविकता में आनापान ध्यान करने से हमारे जीवन में किस प्रकार के सकारात्मक बदलाव आते हैं या आ सकते हैं साथ ही में अपने वास्तविक अनुभव को भी इसमें जुड़ने का पूरा प्रयास करूंगा तो |

आइए जानते हैं 7 Benefits of anapana meditation in hindi

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मन की शांति

आनापान ध्यान निरंतर अभ्यास से जब आप इसमें निपुण होते चले जाते हैं तब आपको मन में एक शांति का आभास होने लगता है आप ऐसा महसूस करेंगे की परिस्थितियां जैसे पहले थे वैसे ही अभी भी है फिर भी आपके मन में शांति है यह एक बहुत ही बड़ी बात होती है यह गुड आपको महान इंसान बनाता है | Anapana meditation in hindi for peace of mind

आत्म संतुष्टि

हम अपने जीवन में कभी भी किसी भी काम से संतुष्ट नहीं होते हैं और हमेशा कुछ न कुछ पाने की इच्छा रखते हैं और इसी चक्कर में हम अपना पूरा जीवन समाप्त कर देते हैं उसके बाद भी हमें आत्म संतुष्टि नहीं मिलती है |

आनापान ध्यान करने से धीरे-धीरे आपके भीतर संतुष्टि की भावना जागृत होती है जिससे कि आप अपने अनचाहे इच्छाओं से बचते हैं और हर परिस्थिति में संतुष्ट रहते हैं

इसका यह मतलब नहीं कि आप जीवन में सिर्फ कुछ भी नहीं करेंगे ऐसा नहीं है, जो करने योग्य है आप उसे करेंगे जो सिर्फ दिखाने के लिए किया जा रहा है आप उसे नहीं करेंगे | Anapana Meditation in Hindi for self satisfaction

धैर्य और ऊर्जावान बने रहें

हमारे जीवन की सबसे बड़ी समस्या है कि कभी-कभी हम धैर्य खो देते हैं और उसी में हम गलत निर्णय लेते हैं और दूसरी बड़ी समस्या यह है कि हम बहुत जल्दी निराश हो जाते हैं

आनापान ध्यान (Anapana Meditation) करते करते मन शांत और आत्म संतुष्ट होते जाता है जिससे हमें घर के महत्व के बारे में पता चलता है हम किसी भी चीज में धैर्य रख सकते हैं जिससे किस समय आने पर हम सही निर्णय ले पाए |

समय-समय पर आनापान ध्यान का अभ्यास करते रहने से हम जिंदगी के तनाव से निराशावादी तरफ जाने से बच जाते हैं और हमारे अंदर हमेशा एक जोश और ऊर्जा बनी रहती है जिससे कि हमें किसी भी काम को करने में थकावट या निराशावादी नहीं लगता | Anapana Meditation in Hindi for Patience

क्रोध और काम पर नियंत्रण

आनापान ध्यान (Anapana Meditation) हमारे मन को सुकून और शांति प्रदान करता है हमारे अंदर जो उथल-पुथल या उत्तेजना चल रही होती है उसे शांत करता है और ज्ञान की तरफ ले जाता है ज्ञान ही जीवन में सभी समस्याओं का समाधान है |

जब कुछ दिनों तक हम आनापान का अभ्यास सही तरीके से कर लेते हैं उसके बाद हमें महसूस होता है कि हमारे भीतर क्रोध पर नियंत्रण करने की शक्ति आ रही है और साथ ही हम अपने अंदर की विकारों से भी थोड़ा ही सही लेकिन मुक्त हो रहे हैं

कामवासना एक बहुत बड़ा विकार है अगर नियंत्रण से बाहर हो तो | इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए हमेशा आनापान ध्यान का अभ्यास करते रहना चाहिए |

समता का भाव

जीवन में सुख और दुख दोनों हमेशा लगे रहते हैं कोई भी स्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहती है हर स्थिति कुछ समय के बाद परिवर्तित होती है यह हम सभी जानते हैं बावजूद इसके हम अपने आप को समता भाव यानी कि हर परिस्थिति में एक सा नहीं रख पाते हैं जिसके कारण हम जीवन में और दुखी होते जाते हैं |

अगर हम हर परिस्थिति में एक भाव में रहे यानी कि न सुख में सुखी होना दुख में दुखी हो तब हम जीवन में एक महान और सफल व्यक्ति बन जाएंगे आनापान ध्यान करते रहने से धीरे-धीरे आप समता भाव महसूस करेंगे आपके अंदर बहुत सारे गुण आने लगेंगे जिससे कि आप ना सुख में बहुत ज्यादा उत्तेजित हो होंगे न दुख में बहुत ज्यादा निराश | Anapana Meditation in Hindi To Get Equiminty

दया और करुणा का भाव

उन लोगों को जिनके के अंदर दया और करुणा का भाव नहीं है उन्हें आनापान ध्यान जरूर करना चाहिए या करवाने के लिए प्रेरित करना चाहिए जिससे कि उनके अंदर धीरे-धीरे दया और करुणा का भाव जागृत हो और वह दूसरे की भावनाओं को समझे और उसका आदर करें

कुछ दिनों के आनापान ध्यान (Anapana Meditation) के अभ्यास के बाद ही आप अपने भीतर दूसरों के प्रति करुणा और दया का भाव रखने लगेंगे इससे समाज में लोग आप से जुड़ते जाएंगे और आपके व्यवहार को पसंद करने लगेंगे |

आनंद ही आनंद

ध्यान का मुख्य उद्देश्य आपको आत्मज्ञान और आनंद की ओर ले जाना होता है | आनापान ध्यान के अभ्यास से धीरे-धीरे आप अपनी भीत आत्मज्ञान और आनंद को अनुभव करेंगे सुख तो एक छोटा शब्द है और यह आता और जाता है पर आनंद सदा रहता है इसलिए छोटे सुख के पीछे भागना बंद करना चाहिए और हमें आनंद की तरफ जाना चाहिए आनंद की स्थिति मनुष्य को चरम स्थिति या वास्तविक मनुष्यता का अनुभव कराता है | Anapana Meditation in Hindi for Self realization

समापन से पहले :

आनापान ध्यान (Anapana Meditation) रोजाना कम से कम 1 घंटे सुबह और रात में जरूर करना चाहिए | आनापान ध्यान के बहुत फायदे हैं | जीवन में सुख और दुख लगा रहता है पर वास्तविक जीवन तो वह है जब सुख और दुख में आप एक समान रहे | ज्यादा ध्यान करने से आपके अंदर आत्म संतुष्टि और समता भाव आता है जिससे कि आप जीवन का पूरा आनंद ले पाते हैं | ध्यान सभी को करना चाहिए यह हर प्रकार से फायदेमंद होता है |

धन्यवाद !

FAQs for Anapana Meditation in Hindi

Q- आनापान ध्यान कब करना चाहिए?

किसी भी ध्यान को करने का सबसे अच्छा समय प्रातः सुबह का होता है प्रयास ही करें या तो एकदम सुबह ध्यान का अभ्यास करें या फिर आप रात्रि में भी इसका अभ्यास कर सकते हैं |

Q – आनापान ध्यान कहां पर करना चाहिए?

आनापान ध्यान करने के लिए आपको अपने घर में ही किसी शांत और साफ-सुथरी जगह पर बैठकर करना होता है इसके लिए आपको कहीं अलग से जाने की जरूरत नहीं होती है

Q-आनापान ध्यान कैसे सीखें?

आनापान ध्यान सीखने के लिए सबसे अच्छी जगह विपस्सना ध्यान केंद्र है वहां पर जाकर आप बहुत ही गहराई से आनापान ध्यान सीख सकते हैं और यह सब बिल्कुल भी फ्री है |

Q- क्या आनापान ध्यान बुद्धिस्ट ध्यान है?

इसका नाम भले ही आपको बहुत बुद्धिस्ट लग सकता है पर यह ध्यान पद्धति अलग-अलग नामों से हर जगह आपको मिल जाएगी वास्तविकता में ध्यान इसी को कहते हैं |

Anapana Meditation in Hindi

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